Model Reading का मतलब यह है की कक्षा में नया पाठ पढ़ाते समय
शिक्षक सबसे पहले उस पाठ को अच्छी
तरह उस पाठ का सस्वर वाचन करके छात्रों को सुनना हैं| ( ध्यान रखे की शिक्षक की
आवज़ कक्षा में बैठे सभी छात्रों को अच्छी तरह सुनाई दे| )
शिक्षक कक्षा में Model
Reading करते समय छात्रों को ध्यान से सुनने
और पाठ्य पुस्तक में संबंधित पंक्ति को अनुकरण करने का निर्देश दे | शिक्षक द्वारा
कक्षा में Model Reading पूर्ण
होने के बाद छात्रों को एक – एक करके श्यामपट के पास आकार सस्वर वाचन करवाएं |
कम से कम हफ्ते में एक बार
कक्षा में सभी छात्रों द्वारा एक – एक करके सस्वर वाचन करवाएं इससे छात्रों के
शब्द भंडार में वृद्धि होगी |
Ø
कुछ
हफ्ते बाद कक्षा में कक्षा के सभी छात्र अपने भावनाओं को हिंदी भाषा में व्यक्त
करने की प्रयास करेंगे |
Ø
तीन से
छह महीने बीतते ही कक्षा में सभी छात्र – छात्राएं सुचारु रूप से हिंदी वाचन
करेंगे | धीरे – धीरे हिंदी वाचन में रफ़तार भी आप देख सकते हैं |
इस तरह प्रत्येक छात्र-छात्रा द्वारा
उच्चरित शब्दों में मात्रा, बलाघात और अनुतान
आदि त्रुटियों को सही उच्चारण कैसे करते हैं सुझाव दे कक्षा में उपस्थित सभी छात्र
शिक्षक / शिक्षिका के सुझाव ज़रूर सुनेंगे |
कुछ विशेष शब्दों के उच्चारण
छात्रों को समझाकर अपनी प्रांतीय बोली और हिंदी में उच्चारण भेद को समझा सकते हैं|
कक्षा स्थार पाठ्य पुस्तक का उपयोग
कीजिए और बुद्धिशाली छात्रों में शब्द भंडार में वृद्धि के लिए नीति कहानियाँ और
लघु शब्दकोश विद्यालय के ग्रंथालय से
उपलब्द करवाएं|
उप-वाचक हास्य और मनोरंजक
बाल साहित्य का मौन वाचन करवाइए, इस कार्य के लिए सप्ताह में एक दिन अपने कक्षा के सभी छात्रों को
ग्रंथालय लेजाइए और साथ में आप भी जाए कुछ किताब लेकर मौन वाचन करें| छात्र अपने
शिक्षक से बहुत कुछ सीखते हैं ( व्यावहारिक गुण, दूसरे शिक्षकों से आप किस तरह
बर्ताव करते हैं , आदि, ) मौन वाचन से छात्र चित्र पठन, चित्र कथा और लघु कहानियाँ
पढ़कर भरपूर आनंद लेंगे और मौन वाचन करने से छात्र अपने – अपने क्षमता के अनुसार कई
नये शब्द सीखेंगे और अगले दिन कक्षा में नये शब्दों के अर्थ शिक्षक से पूछेंगे |
बच्चों को कक्षा में पहली बार में ही
पाठ्यपुस्तक हाथ में रखकर पढ़ने को मत कहिए | इस तरह करने से छात्र डर ते हैं| मगर
छात्र पाठ्य पुस्तक लेकर डर के वजे से खड़ा होगा और उसके मुह से एक भी हिंदी शब्द नहीं निकलेगा| कृपया इस संदर्भ में छात्रों से कभी भी
ऊंची आवाज में बातचीत मत करो |
भाषा शिक्षण उपकरणों का इस्तेमाल
कीजिए या श्यामपट्ट पर कुछ चित्र के साथ शब्द लिखिए और सभी छात्रों को एक-एक करके छोटे -छोटे नये शब्द पढ़ने का
मौका दे | धीरे – धीरे शब्दों की कठिनाई बड़ाते चले |
सिर्फ कुछ समय के लिए
स्मार्ट बोर्ड / रेडियो की इस्तेमाल कीजिए और सभी छात्रों का ध्यान आकर्षित कीजिए|
पढ़ने के तरीके और जानो
उदाहरण के लिए: समाचार पत्र में केवल मुख्य बिन्दु पढ़ना , परीक्षा
से पहले जल्द से जल्द मोटी पुस्तक की रिविजन करना |
इस विधि को कई तरह इस्तेमाल
कर सकते हैं| उदाहरण के लिए : श्यामपट्ट पर एक शब्द लिखिए और कक्षा में सभी
छात्रों को अपनी पाठ्यपुस्तक में से उस शब्द कहाँ है ढूंढ ने का खेल कक्षा के
अंतर्गत खेल सकते हैं| उस शब्द को ढूंढ ने में छात्र पूरी किताब को स्कैनिंग
करेंगे और अनजाने में ही कई शब्द पढ़ चुके होंगे|
और पहले उस शब्द को ढूंढ कर
निकालने वाले 15 छात्रों को पुरस्कार के रूप में उनकी कॉपी में रंगीन कलम से छोटा
तारा बनाईए|
छात्रों को गहराई से किसी एक विषय को
पढ़ने का मौका दीजिए और पढ़े हुए विषय पर प्रश्नोत्तर बनाने का मौका दीजिए|
कुछ बाल साहित्य की पत्र - पत्रिकाएं
उपलब्द करवाएं और छात्रों से मौन वाचन करवाईए | इससे आप के कक्षा के कुछ छात्र
कहानी को तेजी से पढ़कर सार बताएंगे |
छात्रों को ज्यादा पढ़ने को निर्देश मत
दो | थोड़ा सा पढ़ने से भी अक्षर – शब्दों की पहचान, उच्चारण स्पष्टता और (स्वयं
अर्थ समझ) पर ध्यान दीजिए ऐसे करने से वाचन में रफ़तार अपने आप बड़ेगी |
ज्यादा पढ़ने में कुछ छात्र रुचि बताएंगे
उन्हे रंगीन चित्रों से भरे बाल-साहित्य उपलब्द करवाएं |
छात्रों में पुस्तकालय में शांत बैठकर पढ़ने की
आदत विकसित कीजिए |
अभ्यास के साथ बचहोन को
शुद्ध पठन करने की कला विकसित कर सकते हैं |
·
मौन
वाचन करते समय ओट (lip
रीडिंग ) करने की जरूरी नहीं | बिना ओट हिले भी मौन वाचन कर सकते हैं|
·
छात्र –
छात्राएं अपनी – अपनी पाठ्य पुस्तक देखकर पढ़ते समय उनकी आँखें अपने आप पढ़ने वाले
शब्दों के साथ, पंक्ति के साथ आगे बढ़नी हैं|
·
छात्र
पढ़ाई करते समय आँखों से किताब की दूरी पर ध्यान रखनी चाहिए |
·
छात्र
कक्षा में बैठते समय और टहरकर पढ़ते समय कुछ छात्र अपनी शरीर को सामने की ओर ज्यादा
झुकादेते हैं ( शिक्षक को कक्षा में छात्र किस्तारह अच्छे से बैठनी है सूचनाएं
देनी चाहिए )
·
उच्चारण
करते समय अपनी आवाज़ में स्पष्टता होनी चाहिए |
o
कुछ
शिक्षक कक्षा में अपनी छात्रों की पठन कौशल
का जांच कभी नहीं करते |
o
वार्षिक
परीक्षाओं में भी सिर्फ कागाज़ और कलम के आधार से अगली कक्षा में छात्रों को पहुंचादेते हैं | मौखिक परीक्षा को कम महत्व दिया
जाता है | आज – कल का समाज सिर्फ छात्रों के अंक देख रहा है ना कि पठन – उच्चारण |
o
कुछ
शिक्षकों पर विद्यालय प्रशासन अधीक बोज डाल देता है|
o
कुछ
शिक्षक पाठ योजना बनाने में और शिक्षण में समय का महत्व भूल जाते हैं |
o
कुछ
शिक्षक ट्रैनिंग किए बिना शिक्षक बन जाते हैं|
o
यह
बिल्कुल गलत है : कुछ शिक्षक अपने कक्षा के छात्रों को दंड दे कर पठन करवाना चाहते
हैं|
o
विद्यालय
प्रशासन कम शिक्षकों से अधिक कक्षाएं चलाना चाहते हैं इस तरह के विद्यालय का
परिणाम इतना अच्छा नहीं होता|
माता – पिता और विद्यालय इस विषय में
:-
कभी – कभी छात्रों को अच्छा महोल देने में विफल
होना।
सकारात्मक प्रेरणा में कमी |
छात्रों के पारिवारिक समस्याएं और अधिक किताबों
की बोज |
आदि कई विषय
Regular
reading skills will stimulate critical reading skills in students.
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