RAJMAL BORA , Completed his Ph.D in Department of Hindi, Srivenkateswara university , Tirupati . in 1965. ( guide : “Dr.Vijaypal singh” ). Next I think as per internet data Rajmal Bora worked in Department of Hindi, Maratwada vishwavidyalay , Aurangabad, maharastra, as a pradhyapak.
This is First Ph.D , in department of Hindi, Sri venkateswara university, Tirupati. 1965
. in this blog information available about Dr.Rajmal bora - 1965. DR.Rajmal bora written more than 20+ books in hindi, some of books related to Marathi language also, you can see this books collection in this blog. Thease books published in various publications of india, now you can see through online opac catalogue system. Some of these book details available in US, NETHERLAND, GERMANY, France , Russia etc.
पुरस्कार
1998 में डॉ . राजमल बोरा जी को यात्रा वृतांत के लिए महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार मिला है । महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार केंद्रीय हिंदी संसथान द्वारा यात्रा वृतांत के लिए दिया जाता है । इस विषय के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए लिंक Click here to get more information about this award .
<p>COVID-19 के कारण कई स्मृतियाँ विगत हो रहे हैं । (lose of information during COVID-19 Pandemic. ) मैं yesreach आने वाले पीड़ियों के लिए इस ब्लॉग के माध्यम से कुछ जुगाड़ करना चाहता हूँ । इस समाचार मैं थोडा मेहनत करके इन्टरनेट से ही प्राप्त किया हूँ क्यों कि आप को इस विषय के बारे में खोज करने में आसन हो ।</p>
Note : एक ही नाम से कई लोग हो सकते हैं । इस कारण से इस ब्लॉग में कुछ गलत जानकारी है तो हमें माफ़ कीजिए ।
Tribute to “Dr.Rajmal Bora” from #yesreach
About “ डॉ.राजमल बोरा ” और हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों की जानकारी :
भारत के भाषा-परिवार : भारत के भाषा परिवारों को एक सूत्र में बाँधने के लिए और भारतीय भाषा समूहों के बीच संबंध / एकरूपता को पहचानने के लिए तुलनात्मक अध्ययन । भारतीय भाषाओ का ऐतिहासिक काल क्रम ,आलेख प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक का प्रथम संस्करण शायद 2008 में हुआ है ।
ISBN : 978-8181870834
ISBN : 978-81-8187-083-4
ISBN : 81-818-7083-2
ISBN : 8181870832.
<p> <h5>राजमलबोरा जी हिंदी विभाग,श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति </h5>में शोध कार्य पूरा किए इस से डॉ उपाधि प्राप्त हुई है। यह शोध कार्यहिंदी विभाग, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति मेंपहला शोधकार्य है , पूरी निष्टाके साथहिंदी विभागको सेवाएंपहुंचाए हैं। (1965) इस शोधकार्य के मार्गदर्शक डॉ. विजयपाल सिंहथे । → कुछ वर्षोंके बादडॉ . राजमलबोरा मराठवाड़ा विश्वविद्यालय , महारास्ट्र में प्राध्यापक / प्रोफेसर बने ।</p>
ISBN : 81-705-5391-1
ISBN : 978-81-7055-391-5
central library , vidyasagar university opac वाणी प्रकाशन, वर्ष : 2014
भारत के भाषा परिवार
भारतीय भाषाएँ और साहित्य व्यवहारिक रूप में तुलनात्मक अध्ययन : click here to read pdf full book “ bharatiya bhashayen aur sahitya - TULNATMAK ADHYAYANA written by Dr.Rajmal bora ”
A comparative study of Indian Language and literature , Printed in ruchika printers, Delhi. Publisher - Vani Prakashan , Delhi. ISBN 81-7055-238-9 संपादक और Edited by B.H.Rajoorkar and Rajmal bora. यह पुस्तक महारास्ट्र राज्य , हिंदी साहित्य - अकादमी एवं हिंदी विभाग , मराठवाड़ा विश्वविद्यालय , औरंगाबाद के सहयोग से प्रकाशित हुई है ।तुलनात्मक अध्ययन स्वरुप और समस्याएं पहले ही छप चुकी है । यह दूसरी पुस्तक है । यह पुस्तक तीन खण्डों में विभाजित है।
1. हिंदी – मराठी
2. हिंदी तथा अन्य भाषाएँ
3. अन्य विषय [ हिंदी – मराठी तुलनात्मक अध्ययन , हिंदी – तेलुगु तुलनात्मक अध्ययन , हिंदी मराठी लोकनाट्य , हिंदी गुजराती भक्ति साहित्य , हिंदी उर्दू भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का साहित्य , हिंदी तेलुगु भाषा साहित्य ,
भारतीय भाषाओँ का आपस में संपर्क बढनी चाहिए ।
ISBN : 93-507-2908-3
ISBN : 978-93-5072-908-3
<i>Calicut university
ISBN: 978-81-8143-144-8
Published in 2016 approx</i>
<em>भारत की प्राचीन भाषाएँ: Ancient Languages of India</em>
award : Mahapandit Rahul Sankrityayan Award given to Dr.Rajmal Bora for Travel Literature by Central institute of hindi in 1998 . click here to go Wikipedia Awards page