कार्यक्रम में बोलते हुए कॉलेज की हिंदी अध्यापिका श्रीमती सीता महालक्ष्मी ने हिंदी भाषा की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कहा, "भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।" इस अवसर पर उन्होंने हिंदी भाषा के इतिहास और उसकी सांस्कृतिक महत्ता के बारे में छात्रों को जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में के.वी.आर. सरकारी कॉलेज की अध्यापिका श्रीमती सुब्बा लक्ष्मी और सिल्वर जुबली कॉलेज के छात्र श्री खाजा उपस्थित रहे। इनके साथ कॉलेज के अन्य शिक्षकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम की एक विशेष आकर्षण के रूप में, सिल्वर जुबली कॉलेज के छात्र श्री खाजा द्वारा लिखित हिंदी पुस्तक "भावनाओं का सागर" विमोचन किया गया। इस पुस्तक को युवा लेखकों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के प्रयास के रूप में सराहा गया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभावान करने वाले छात्रों को हिंदी अध्यापिका श्रीमती सीता महालक्ष्मी और प्रिंसिपल द्वारा 1000 रुपये और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में बोलते हुए प्रिंसिपल श्री नागभूषण रेड्डी ने कहा, "हिंदी भाषा हमारे देश की एकता का प्रतीक है। इसे सीखने से छात्रों को भविष्य में अच्छे अवसर मिलते हैं।" इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना गीत से हुई, जिसने हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों में सांस्कृतिक समन्वय को भी प्रोत्साहित किया।